न्यूज 21भारत अमेठी
उपजिलाधिकारी अमेठी ने बताया, बीएलओ की शिकायत पर कराई जा रही जांच।
अमेठी। महिला बीएलओ से मारपीट और दबाव बनाने के आरोपों को लेकर अमेठी की राजनीति गरमा गई है। बुधवार को समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव द्वारा सोशल मीडिया पर पोस्ट करके लगाए गए गंभीर आरोपों पर भाजपा जिलाध्यक्ष सुधांशु शुक्ला ने पलटवार करते हुए उन्हें पूरी तरह झूठा और राजनीतिक हताशा का परिणाम बताया है।
भाजपा जिलाध्यक्ष सुधांशु शुक्ला ने कहा है कि अखिलेश यादव के आरोप निराधार हैं और इससे साफ जाहिर होता है कि सपा अपनी हार पहले ही स्वीकार कर चुकी है। उन्होंने कहा कि जिस व्यक्ति द्वारा आरोप लगाए जा रहे हैं, वह कांग्रेस का जिला सचिव है और वह भाजपा प्रदेश मंत्री शंकर गिरी की बैठक के दौरान कार्यकर्ताओं को धमकाने का प्रयास कर रहा था।

सुधांशु शुक्ला ने यह भी स्पष्ट किया कि जिस महिला बीएलओ के साथ अभद्रता का आरोप लगाया जा रहा है, वह उस स्थान की बीएलओ ही नहीं है, जहां एसआईआर बैठक बताई जा रही है। उन्होंने सपा पर झूठे आरोप लगाकर माहौल खराब करने और चुनावी लाभ लेने की साजिश का आरोप लगाया।
वहीं दूसरी ओर, सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने पूरे प्रकरण को लोकतंत्र पर हमला बताते हुए भाजपा जिलाध्यक्ष पर महिला बीएलओ से मारपीट, सरकारी कार्य में बाधा और वोटर लिस्ट में हेरफेर का दबाव बनाने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने दोषियों के खिलाफ तत्काल मुकदमा दर्ज करने और सख्त कार्रवाई की मांग की है।
दोनों पक्षों के आमने-सामने आने के बाद मामला पूरी तरह सियासी रंग ले चुका है। जहां सपा इसे सत्ता का दुरुपयोग बता रही है, वहीं भाजपा इसे विपक्ष की बौखलाहट और हार की स्वीकारोक्ति करार दे रही है। फिलहाल प्रशासन की भूमिका और जांच को लेकर सबकी निगाहें टिकी हुई हैं।
वहीं सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव के ट्वीट के बाद विधायक गौरीगंज राकेश प्रताप सिंह ने भी अपनी आपत्ति दर्ज कराई है और आरोपों को बेबुनियाद बताया है। इसी क्रम में उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल जिलाध्यक्ष महेश सोनी ने भी भाजपा जिलाध्यक्ष को शालीन और आरोपों को मनगढ़ंत बताया है। वहीं उपजिलाधिकारी अमेठी आशीष कुमार सिंह ने बीएलओ से शिकायत मिलने की बात स्वीकार करते हुए बताया कि जांच कराई जा रही है।
करुणा शंकर वर्मा की रिपोर्ट
Author: Adv Vinod Kumar
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