न्यूज 21भारत अमेठी
अमेठी में बड़ा खुलासा — नकली DAP और कीटनाशक बनाने वाली फैक्ट्री का भंडाफोड़।
अमेठी में किसानों की सेहत और फसलों से जुड़ा एक बड़ा खेल सामने आया है।
अमेठी कोतवाली क्षेत्र के ककवा रोड स्थित मंगलपुर गांव में बने आलोक प्रमोद इंटरमीडिएट कॉलेज के कैंपस के भीतर, एक कमरे में नकली DAP और कीटनाशक बनाने का धंधा धड़ल्ले से चल रहा था।

इस अवैध कारोबार का खुलासा तब हुआ,
जब जिला कृषि अधिकारी और नायब तहसीलदार अमेठी की संयुक्त टीम ने यहां छापा मारा—
और अंदर का नज़ारा देखकर अधिकारी भी हैरान रह गए।

कमरे से बरामद हुए—
✔ रीजेंट अल्ट्रा कीटनाशक के 443 खाली रैपर
✔ 38 खुले पैकेट
✔ 414 पैक्ड पैकेट
बाज़ार में एक पैकेट की कीमत 350 रुपये है—
यानी करोड़ों के अवैध कारोबार का शक गहराता दिख रहा है।
इसी के साथ
✔ IFCO DAP की 50 किलो की दो बोरियां
✔ 9 बोरियों में भरी नकली DAP
✔ और IFCO की 340 नई खाली बोरियां
भी बरामद की गई हैं।
मौके से राम उजागिर यादव नाम का कर्मी पकड़ा गया।
कमरे में
तौल मशीन…
पैकिंग मशीन…
और सिलाई मशीन…
सब कुछ मौजूद था—
यानी पूरी तरह से संगठित फैक्ट्री चल रही थी।
टीम ने मौके पर सैंपल लिए
और पूरे कमरे को सील कर दिया।
शिकायत से खुली परतें
जिला कृषि अधिकारी डॉ. राजेश कुमार ने बताया कि
नोएडा की True Buddy Consulting Pvt. Ltd. ने शिकायत की थी कि उनके ब्रांड के नाम पर नकली कीटनाशक बाज़ार में बेचा जा रहा है।इसके बाद टीम ने ग्राहक बनकर जाल बिछाया और जब पुख्ता सबूत मिले—तहसीलदार अमेठी के नेतृत्व में छापा मारा गया।
कर्मी का सनसनीखेज दावा
पकड़े गए कर्मी ने बताया—
“मुझे शिवम तिवारी ने रखा था…
आज ही काम पर आया था…
400 रुपये दिहाड़ी मिलनी थी…
दो बोरी भर ही पाया था
कि टीम ने पकड़ लिया…”
फिलहाल
कृषि विभाग और पुलिस
इस पूरे गिरोह के सरगना तक पहुंचने की कोशिश में जुट गई है।
जांच में यह भी पता लगाया जा रहा है कि—
👉 यह नेटवर्क और कहां-कहां चल रहा है?
👉 असली मालिक कौन है?
👉 कितने समय से किसानों को ठगा जा रहा था?
🌾 किसानों की जान–माल से खिलवाड़
नकली खाद और कीटनाशक
सिर्फ फसलें बर्बाद नहीं करते—
बल्कि
किसानों की मेहनत, पैसा और उम्मीद— एक साथ डूब जाती है।
इसलिए यह कार्रवाई
सिर्फ छापे से ज्यादा—
पूरे माफिया नेटवर्क के लिए बड़ी चेतावनी मानी जा रही है।
ब्यूरो रिपोर्ट अमेठी
Author: Adv Vinod Kumar
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