जाने भाई बहन के अटूट प्रेम के पर्व रक्षाबंधन की कैसे हुई शुरुवात

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न्यूज 21भारत नई दिल्ली

रक्षाबंधन: भाई-बहन के अटूट प्रेम का पावन पर्व

रक्षाबंधन, जिसे राखी का त्योहार भी कहा जाता है, भारत के सबसे प्राचीन और पवित्र पर्वों में से एक है। यह पर्व भाई-बहन के अटूट प्रेम, विश्वास, और सुरक्षा के प्रतीक के रूप में मनाया जाता है। रक्षाबंधन का इतिहास सदियों पुराना है और इसके पीछे अनेक पौराणिक, ऐतिहासिक और धार्मिक कहानियाँ जुड़ी हुई हैं।

पौराणिक कथा
रक्षाबंधन का उल्लेख महाभारत के समय से मिलता है। कहा जाता है कि द्रौपदी ने भगवान कृष्ण की कलाई पर एक रेशम का धागा बांधा था जब उन्होंने भगवान कृष्ण की अंगुली से बहते खून को रोकने के लिए अपनी साड़ी का टुकड़ा फाड़ा था। इस धागे को भगवान कृष्ण ने रक्षा सूत्र के रूप में माना और उन्हें यह वचन दिया कि वे हमेशा उनकी रक्षा करेंगे। यही घटना रक्षाबंधन का प्रतीक बन गई।

ऐतिहासिक घटनाएं
इतिहास में भी रक्षाबंधन का महत्व स्पष्ट होता है। जब मुगल सम्राट हुमायूं की सेना चित्तौड़ पर हमला करने की तैयारी में थी, तब रानी कर्णावती ने हुमायूं को राखी भेजकर उनसे सहायता मांगी थी। हुमायूं ने इसे बहन का मान सम्मान मानकर चित्तौड़ की रक्षा के लिए अपनी सेना भेजी। यह उदाहरण दर्शाता है कि रक्षाबंधन का धागा केवल पारिवारिक नहीं, बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक संबंधों का भी प्रतीक है।

धार्मिक मान्यता
हिंदू धर्म में यह माना जाता है कि रक्षाबंधन के दिन बहनें अपने भाइयों की लंबी उम्र और खुशहाली के लिए पूजा करती हैं और राखी बांधकर उनसे अपनी रक्षा का वचन लेती हैं। इस दिन का महत्व इसलिए भी है कि यह श्रावण मास की पूर्णिमा को मनाया जाता है, जो स्वयं एक पवित्र दिन माना जाता है।

समकालीन समय में रक्षाबंधन
आज के समय में रक्षाबंधन का पर्व भाई-बहन के बीच के रिश्ते को और मजबूत करता है। यह पर्व केवल भारत में ही नहीं, बल्कि विश्वभर में जहां भी भारतीय समुदाय है, वहां हर्षोल्लास से मनाया जाता है। इस दिन बहनें अपने भाइयों की कलाई पर राखी बांधती हैं और भाई उन्हें उपहार स्वरूप कुछ देते हैं। यह परंपरा एक दूसरे के प्रति सम्मान, प्यार और सुरक्षा की भावना को दर्शाती है।

रक्षाबंधन का इतिहास और इसकी परंपराएं हमें यह सिखाती हैं कि चाहे कोई भी परिस्थिति हो, भाई-बहन का रिश्ता सदा अटूट और पवित्र रहता है। यह पर्व न केवल हमारे पारिवारिक संबंधों को सुदृढ़ करता है, बल्कि समाज में भी एकता और प्रेम का संदेश फैलाता है।

ब्यूरो रिपोर्ट

Adv Vinod Kumar
Author: Adv Vinod Kumar

न्यूज 21 भारत

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