न्यूज 21भारत लखनऊ
राजधानी लखनऊ में एक बेहद चौंकाने वाली और संवेदनशील घटना सामने आई है। राष्ट्रीय प्रेरणा स्थल के पास आयोजित एक बड़े कार्यक्रम के बाद बनी अस्थायी पार्किंग में बचा हुआ और फेंका गया खाना खाने से 100 से 150 भेड़ों की दर्दनाक मौत हो गई। इस घटना से इलाके में हड़कंप मच गया है।
दरअसल, 25 दिसंबर को पीएम मोदी ने राष्ट्र प्रेरणा स्थल का उद्घाटन किया था। उद्घाटन समारोह के बाद बचा हुआ खाना वहीं फेंक दिया गया था। भेड़ों ने बासी और सड़े खाने को खा लिया, जिसके बाद उनकी तबीयत बिगड़ गई। इनके शरीर अकड़ चुके थे। जब पूरे इलाके में भेड़ों की मौत का शोर मचा तो पुलिस पहुंची। सरकारी मेडिकल टीम को बुलाया गया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कार्यक्रम समाप्त होने के बाद बड़ी मात्रा में खाना पार्किंग स्थल और आसपास खुले में फेंक दिया गया था। देर रात और सुबह के समय पास के ग्रामीण इलाकों से आई भेड़ों ने वही खाना खा लिया, जिसके कुछ ही देर बाद उनकी हालत बिगड़ने लगी। देखते ही देखते बड़ी संख्या में भेड़ों ने दम तोड़ दिया।
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय लोग, पशुपालक और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। पशु चिकित्सा विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर भेड़ों का निरीक्षण किया। प्रारंभिक जांच में आशंका जताई जा रही है कि खाना खराब या केमिकल युक्त हो सकता है, जिसके कारण यह हादसा हुआ।
भेड़ पालकों का आरोप है कि कार्यक्रम आयोजकों और संबंधित एजेंसियों की भारी लापरवाही के कारण यह घटना हुई है। खुले में खाना फेंकने से न सिर्फ पर्यावरण को नुकसान पहुंचा, बल्कि सैकड़ों पशुओं की जान भी चली गई। पीड़ित पशुपालकों ने प्रशासन से मुआवजे और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।
एसडीएम सदर मनोज सिंह द्वारा बताया गया है कि मामले की गंभीरता से जांच कराई जा रही है। फूड सैंपल और मृत भेड़ों को पीएम के लिए भेजे गए हैं। जांच रिपोर्ट आने के बाद जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
वहीं चीफ वेटनरी ऑफिसर डॉ. सुरेश कुमार ने बताया- मरी भेड़ों का पोस्टमॉर्टम कराकर सैंपल कलेक्ट कर लिया गया है। मौत का कारण बता पाना अभी पॉसिबल नहीं है। फॉरेंसिक एक्सपर्ट द्वारा स्पष्ट रिपोर्ट आने पर मौत की वजह साफ होगी। फिलहाल, मेडिकल टीम ने 70 भेड़ों को रिकवर किया है। और 71 भेड़ों की मौत होने की बात बताई है।
पशु चिकित्सा अधिकारी भिठौली डॉ. सचान, पशु चिकित्सा अधिकारी शहर डॉ. वीरेंद्र, पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. बृजेश अपनी-अपनी टीम लेकर आए थे। कुल 30 डॉक्टरों की टीम ने बीमार भेड़ों का इलाज किया है।
यह घटना न सिर्फ प्रशासनिक लापरवाही को उजागर करती है, बल्कि बड़े आयोजनों के बाद कचरा और भोजन के उचित निस्तारण की व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े करती है। अब देखना होगा कि इस मामले में प्रशासन कितनी तेजी से कार्रवाई करता है और पीड़ित पशुपालकों को न्याय दिला पाता है या नहीं।
ब्यूरो रिपोर्ट लखनऊ
Author: Adv Vinod Kumar
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