न्यूज 21भारत सुल्तानपुर
सुल्तानपुर में नशे का कारोबार करीब 34 हजार कोडीनयुक्त कफ सिरप की शीशी भी खपायी गयी।
सुल्तानपुर शहर के गोलाघाट स्थित हिंदुस्तान मेडिकल एजेंसी के खिलाफ नगर कोतवाली में दर्ज हुआ औषधि एवं प्रसाधन अधिनियम -1940 की गंभीर धाराओं में मुकदमा।
प्रोपराइटर स्वेता कुमारी और पति सुनील पांडेय नामजद
Covida कफ सिरप की करीब 34 हजार शीशी (100ml) की सप्लाई पकड़ी गई। यह कैप्सूल और सिरप किसे बेची गयी जब इसका सत्यापन हुआ तो बिल फर्जी पाए गए।
इससे पूर्व दीपावली पर्व के दरम्यान तब के गन्दानाला मार्ग स्थित “विनोद फार्मा” के मालिक के गोदाम से ड्रग इंस्पेक्टरों को मिली थी प्रतिबंधित “फेंसीपिक” दवा, दर्ज हुआ था मुकदमा।
फेन्सीपिक एक तरह के कफ सिरप का ब्रांड आमतौर पर नशीली दवाओं के गलत इस्तेमाल के लिए गैर-कानूनी इस्तेमाल से जोड़ा गया है। एक जांच में बताया गया खास प्रोडक्ट फेन्सीपिक-टी सिरप (या फेन्सीपिक-टीपी सिरप) है, जो एक कॉम्बिनेशन दवा है जिसमें एक्टिव इंग्रीडिएंट कोडीन और ट्रिप्रोलिडाइन होते हैं।
कोडीन एक नारकोटिक कफ सप्रेसेंट है जो दिमाग के उस हिस्से में एक्टिविटी को कम करके काम करता है जिससे खांसी होती है।
यह दवा नाबालिगों को रिकमेंड नहीं की जाती है क्योंकि इससे सांस लेने में गंभीर दिक्कतें हो सकती हैं।
फिलहाल इन दोनों बड़े मामलों से जनपद सुल्तानपुर मे सनसनी फैला दी है।
अपराधिक मामलों के जानकार बताते हैं कि सुल्तानपुर में नशे की जड़ें बेहद मजबूत हैं जो माफिया “गिरी” जैसे लोगों के कारण आज का युवा बेहद कम दाम पर इस नशे का सेवन कर रहा है, इस क्षेत्र के माफिया “गिरी” ने दवा के बाद “दारू” की दुनिया मे भी कदम रख दिया हैं।
ब्यूरो रिपोर्ट सुल्तानपुर
Author: Adv Vinod Kumar
न्यूज 21 भारत



