भगवान राम ने कहा मुझे बचा लो लोग मुझे बेच रहे डॉ. चंद्रशेखर

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न्यूज़ 21 भारत बिहार  रामचरित मानस को पोटैशियम साइनाइड बताने वाले बिहार के शिक्षा मंत्री  डॉ. चंद्रशेखर ने एक बार फिर विवादित बयान दिया है। डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव की नसीहत को दरकिनार करते हुए  शिक्षा मंत्री चंद्रशेखर यादव कहते हैं कि भगवान ने सपने में कहा कि लोग हमें बाजार में बेच रहे हैं. तुम मुझे बाजार में बिकने से बचा लो. बिहार सरकार में शिक्षा मंत्री चंद्रशेखर यादव अपने बयानों से विवादों में घिरे हैं. इसी कड़ी में अब उन्होंने एक और बयान दिया है. सुपौल में मंत्री ने दावा किया, ‘भगवान राम मेरे सपने में आए और कहा कि लोग हमें बाजार में बेच रहे हैं. तुम मुझे बाजार में बिकने से बचा लो’.

बिहार के शिक्षा मंत्री चंद्रशेखर यादव ने कहा कि भगवान राम ने शबरी के जूठे बेर खाए. मगर आज शबरी का बेटा मंदिर नहीं जा सकता. यह दुखद है. राष्ट्रपति और मुख्यमंत्री को रोक दिया जाता है. मंदिर को गंगाजल से धोया जाता है. ईश्वर ने शबरी का जूठा खाकर संदेश दिया था.
यादव ने कहा कि भगवान जाति व्यवस्था से कुपित थे. सोचा होगा हम उनके (शबरी) बेर खा लेंगे तो दुनिया खाने लगेगी. मगर, ऐसा नहीं हुआ. उसे (भगवान) अकेला छोड़ दिया गया. खाली धूप-बत्ती दिखाकर उसे छोड़ दिया जाता है. उसका अनुकरण नहीं किया जाता.
शिक्षा मंत्री पिपरा प्रखंड के रामपुर गांव में पूर्व शिक्षक संघ अध्यक्ष लक्ष्मी यादव की पुण्यतिथि के मौके पर पहुंचे थे. उनको श्रद्धांजलि देने के बाद उन्होंने सपने की बात बताई. कहा कि भगवान राम सपने में आए और कहा कि देखो, चंद्रशेखर हमको इन लोगों ने बाजार में बेच दिया है. हमको बचा लो.

नाम लिए बगैर शिक्षा विभाग के अपर सचिव पर निशाना

इस मौके पर मंत्री ने मौजूद शिक्षकों से भी कई बातें कहीं. कहा कि उनके सम्मान को मंत्री की तरफ से कभी ठेस नहीं पहुंचेगी. कटाक्ष करते हुए कहा, हां ये अलग बात है कि कुछ सिरफिरे कभी कभार आ जाएंगे. कुछ कहकर चले जाएंगे. उनका खयाल भी नहीं कीजिएगा. ऐसे लोग सरकार का संदेश भी नहीं दे पाएंगे. सरकार का संदेश मुख्यमंत्री या शिक्षा मंत्री ही देंगे.

संघ प्रमुख मोहन भागवत का भी किया जिक्र

मंत्री ने कहा कि इसीलिए हम कभी कभार इस तरह की बात कर देते हैं. उन्होंने कहा कि भगवान मर्यादा पुरुषोत्तम थे. वो जाति व्यवस्था खत्म करने का संदेश देकर चले गए. हमने एक बार बोला तो लोगों ने जीभ काटने पर दस करोड़ का इनाम रख दिया. मगर, मोहन भागवत के विरोध में दस रुपये का भी इनाम नहीं रखा.

 

Adv Vinod Kumar
Author: Adv Vinod Kumar

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