न्यूज 21भारत नई दिल्ली
नई दिल्ली।देश की संसदीय राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। निर्वाचन आयोग ने राज्यसभा की 37 रिक्त हो रही सीटों के लिए चुनाव कार्यक्रम की औपचारिक घोषणा कर दी है। इन सीटों पर मतदान 16 मार्च को कराया जाएगा, जिससे विभिन्न राज्यों में राजनीतिक समीकरणों की नई बिसात बिछने लगी है।
घोषित कार्यक्रम के अनुसार महाराष्ट्र की सात सीटों, तमिलनाडु की छह सीटों तथा पश्चिम बंगाल और बिहार की पाँच-पाँच सीटों सहित कुल 37 सीटों पर निर्वाचन संपन्न होगा। इन चुनावों के साथ ही कई प्रभावशाली नेताओं का कार्यकाल 2 अप्रैल को समाप्त होने जा रहा है, जिनमें शरद पवार, रामदास अठावले, कणिमोझी, तिरुचि शिवा तथा राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश प्रमुख हैं। इन नामों की विदाई या वापसी को लेकर राजनीतिक हलकों में अटकलों का दौर तेज हो गया है।
निर्वाचन प्रक्रिया का विधिवत आरंभ 26 फरवरी को अधिसूचना जारी होने के साथ होगा। प्रत्याशी 5 मार्च तक नामांकन पत्र दाखिल कर सकेंगे, जबकि 6 मार्च को नामांकन पत्रों की विधिवत जांच की जाएगी। 9 मार्च तक नाम वापसी की अंतिम तिथि निर्धारित की गई है, जिससे स्पष्ट हो जाएगा कि किस राज्य में मुकाबला सीधा होगा और कहाँ पर बहुकोणीय संघर्ष देखने को मिलेगा।
16 मार्च को प्रातः 9 बजे से सायं 4 बजे तक मतदान होगा तथा उसी दिन सायं 5 बजे से मतगणना प्रारंभ कर दी जाएगी। निर्वाचन आयोग के अनुसार 20 मार्च तक पूरी चुनावी प्रक्रिया संपन्न कर ली जाएगी। यह चुनाव केवल औपचारिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि आगामी संसदीय रणनीतियों की दिशा तय करने वाला महत्वपूर्ण चरण सिद्ध होगा।
राज्यसभा के इन चुनावों को लेकर राष्ट्रीय और प्रादेशिक दलों ने अपनी-अपनी राजनीतिक गणनाएँ प्रारंभ कर दी हैं। अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि कौन-सा दल अपनी संख्यात्मक शक्ति को किस रणनीति के साथ रूपांतरित करता है और किन चेहरों को उच्च सदन में पुनः अवसर मिलता है।
ब्यूरो रिपोर्ट
Author: Adv Vinod Kumar
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