रिटायर्ड फौजी पर हमले के आरोपी को कोर्ट ने भेजा जेल

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न्यूज 21भारत सुल्तानपुर 

हाईकोर्ट से राहत न मिलने पर आरोपी ने किया सरेंडर,नहीं मिली अंतरिम जमानत।

छह साल पुराने जानलेवा हमले के केस में फ़ास्ट ट्रैक कोर्ट ने 319 की अर्जी पर किया था तलब।

गोसाईगंज थाने के महमूदपुर के मुख्य आरोपी आशीष सिंह के खिलाफ कुर्की की कार्रवाई के बाद मफरूरी में दाखिल हुई थी चार्जशीट,पुलिस ने नहीं किया गिरफ्तारी का प्रयास। धरे के धरे रह गए पुलिस की सभी टीमो के दावे।

छह साल से सुलतानपुर पुलिस आशीष को गिरफ्तार कर पाने में नाकाम। अधिवक्ता आजाद अहमद हत्याकांड के फरार आरोपी सिराज का भी फरारी काट रहे आशीष ने तोड़ा रिकॉर्ड।

सुलतानपुर। रिटायर्ड फौजी पर छह साल पहले हुए जानलेवा हमले के मामले में आरोपी विक्रम सिंह उर्फ शनी ने सोमवार को एफटीसी द्वितीय राकेश यादव की अदालत में आत्मसमर्पण कर दिया। जिनके अधिवक्ता ने जिला जज की अदालत में हुई जमानत अर्जी पर सुनवाई के दौरान अंतरिम जमानत पर रिहा करने की मांग किया। फिलहाल अपराध की गम्भीरता को देखते हुए प्रभारी जिला जज संतोष कुमार ने अंतरिम जमानत अर्जी खारिज कर दिया। अदालत ने मामले को एफटीसी द्वितीय की कोर्ट में स्थानांतरित करते हुए नियमित जमानत पर सुनवाई के लिए चार अक्टूबर की तिथि तय किया है।

*गोसाईगंज थाने के महमूदपुर* गांव की रहने वाली वादिनी रीता सिंह ने 15 जुलाई 2019 की घटना बताते हुए स्थानीय थाने में अपने पति रिटायर्ड फौजी शिवप्रकाश सिंह पर हुए हमले के आरोप में मुकदमा दर्ज कराया। आरोप के मुताबिक चोटहिल के सगे भाई राजनारायन सिंह,पुत्र मोहित उर्फ मोदित सिंह व आशीष सिंह एवं अमेठी जिले के एचएएल-कोरवां निवासी उनके रिश्तेदार शनी सिंह उर्फ विक्रम सिंह ने कुल्हाड़ी सहित अन्य हथियारों से हमला करके शिवप्रकाश सिंह को गम्भीर चोटें पहुँचाई। मामले में नामजद आरोपी राजनारायन सिंह व उनके पुत्र मोहित सिंह को लम्बे समय तक जेल काटने के बाद हाईकोर्ट से सशर्त जमानत मिल सकी थी। मामले के मुख्य आरोपी आशीष सिंह के खिलाफ पुलिस ने फरारी में चार्जशीट दाखिल की है,जिसे जिले की पुलिस कई साल बाद भी पकड़ नहीं सकी है। कुछ महीनों पहले एसपी से शिकायत होने के बाद सीओ जयसिंहपुर व थाने की पुलिस को गिरफ्तारी के लिए टीम गठित करने का निर्देश दिया गया था,लेकिन पूर्व थाना प्रभारी अखिलेश सिंह से लेकर वर्तमान थाना प्रभारी राम आशीष उपाध्याय के कार्यकाल तक मामले में पुलिस ने कभी रुचि ही नहीं लिया,नतीजतन चार्जशीटेड आरोपी बेखौफ होकर घूम रहा है। इसी मामले में नामजद आरोपी विक्रम सिंह उर्फ शनी सिंह को पुलिस ने उसकी मोबाइल लोकेशन व कुछ लोगो के शपथ पत्र के आधार पर क्लीनचिट दे दी थी। अभियोजन पक्ष की अर्जी पर एफटीसी जज राकेश यादव की अदालत ने आरोपी विक्रम सिंह को विचारण के लिए तलब किया था। अदालत के तलबी आदेश को चुनौती देते हुए आरोपी विक्रम सिंह ने हाईकोर्ट की शरण ली थी,हालांकि अपराध की गम्भीरता देखकर हाईकोर्ट ने भी याचिका निस्तारित करते हुए कोई राहत नहीं दी। हाईकोर्ट से राहत न मिलने के बाद सोमवार को आरोपी ने आत्मसमर्पण करते जमानत अर्जी पेश किया,लेकिन अंतरिम राहत नहीं मिल सकी और जेल जाना पड़ा।

ब्यूरो रिपोर्ट सुल्तानपुर

Adv Vinod Kumar
Author: Adv Vinod Kumar

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