- न्यूज 21भारत दिल्ली
स्पीकर ओम बिरला ने कहा कि बेहद खेद के साथ उन्हें सदन को बताना पड़ रहा है कि बीते दिन उनके कक्ष में कुछ सदस्यों का व्यवहार अभूतपूर्व और अनुचित था। उन्होंने कहा कि विपक्षी सदस्यों का यह रवैया लोकतंत्र पर एक दाग जैसा है। सभी सदस्यों की जिम्मेदारी है कि वे सदन की कार्यवाही को सुचारू रूप से चलाने में सहयोग करें।
ओम बिरला ने आगे बताया कि जब सदन के नेता को राष्ट्रपति के अभिभाषण पर जवाब देना था, तभी उन्हें सूचना मिली कि कांग्रेस के कुछ सदस्य प्रधानमंत्री के साथ किसी अप्रिय घटना को अंजाम दे सकते हैं। इसके बाद उन्होंने नेता सदन से अनुरोध किया कि प्रधानमंत्री को सदन में न आने दिया जाए। उन्होंने प्रधानमंत्री का धन्यवाद किया कि उन्होंने उनके अनुरोध को स्वीकार किया।
संसद में 4 और 5 फरवरी 2026 को हुए भारी हंगामे के बीच बीजेपी सांसदों मनोज तिवारी और कंगना रनौत ने विपक्ष पर बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं।
हमले की साजिश का आरोप: मनोज तिवारी ने दावा किया है कि विपक्षी महिला सांसद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर हमले की योजना बना रही थीं। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी सांसद, विशेष रूप से महिलाएँ, पीएम की कुर्सी तक पहुँच गई थीं और माहौल ऐसा था जैसे वे किसी को “मारने-पीटने” आई हों।
कुर्सी का घेराव: रिपोर्टों के अनुसार, राष्ट्रपति के अभिभाषण पर चर्चा के दौरान विपक्ष की महिला सांसदों ने पीएम की कुर्सी का घेराव किया। मनोज तिवारी ने कहा कि वे वेल से तीन कतार पीछे तक आ गईं, जो पहले कभी नहीं देखा गया।
हंगामे की वजह: यह विरोध मुख्य रूप से निशिकांत दुबे की किताब और सेना के पूर्व प्रमुख एम एम नरवणे की किताब को लेकर था। विपक्ष के हंगामे के कारण पीएम मोदी का संबोधन टालना पड़ा।
कंगना रनौत का रुख: कंगना रनौत ने भी इस मुद्दे पर विपक्ष को घेरा है और तिवारी के सुर में सुर मिलाते हुए इसे पीएम की सुरक्षा और गरिमा पर हमला बताया है।
ब्यूरो रिपोर्ट नई दिल्ली
Author: Adv Vinod Kumar
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