सीएमओ को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश करने का आदेश, नसबंदी मामले में क्षतिपूर्ति नहीं देने का मामला

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न्यूज 21भारत अंबेडकरनगर

जिला उपभोक्ता फोरम ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश करने का आदेश पुलिस अधीक्षक को दिया है। यह आदेश लीलावती बनाम सीएमओ के मामले में दिया गया है।कटेहरी विकास खंड के लाखीपुर मिश्रौली की लीलावती ने 5 मार्च 2010 को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कटेहरी में नसबंदी कराई थी। नसबंदी असफल होने के कारण 4 अगस्त 2012 को उन्हें एक पुत्री पैदा हुई। इस दौरान वह कई बार सरकारी अस्पतालों में जांच भी कराती रहीं लीलावती ने डॉ. मुकेश चंद्र मिश्रा और अन्य के खिलाफ जिला उपभोक्ता फोरम में वाद संख्या 16/2012 दायर किया। 28 दिसंबर 2013 को लोक अदालत में तत्कालीन मुख्य चिकित्साधिकारी ने क्षतिपूर्ति देने की सहमति दी। लेकिन बार-बार सीएमओ कार्यालय जाने के बावजूद क्षतिपूर्ति नहीं मिली।

न्यायालय ने सीएमओ को कई बार उपस्थित होने के लिए वारंट जारी किया। सीएमओ के न्यायालय में पेश न होने पर यह कड़ा निर्णय लिया गया। साथ ही, पूर्व में जारी वारंट की तामीली न कराने और वारंट वापस करने के मामले में सर्किल ऑफिसर (सीओ) के खिलाफ जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश एसपी को दिया है। अगली सुनवाई 6 अगस्त को निर्धारित की गई है। कोतवाल श्रीनिवास पांडेय ने बताया कि वारंट जारी हुआ है।

ब्यूरो रिपोर्ट

Adv Vinod Kumar
Author: Adv Vinod Kumar

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