हरदोई में थाने के अंदर टूटी एक ज़िंदगी

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न्यूज 21भारत हरदोई

गुस्से, रिश्तों और सिस्टम की नाकामी की खौफनाक कहानी

हरदोई के पाली थाना परिसर में जो हुआ, वह सिर्फ एक हत्या नहीं थी ,यह टूटे रिश्तों, असंभाले गुस्से और पुलिस सिस्टम की बड़ी चूक का नतीजा था।

रामापुर अटरिया गांव निवासी अनूप और उसकी 30 वर्षीय पत्नी सोनी दोनों गुड़गांव में काम करते थे। वहीं पास में रहने वाले सुरजीत से सोनी के प्रेम संबंध बन गए।

जब पति को इस रिश्ते की जानकारी हुई, तो वह पत्नी को एक महीने पहले गांव ले आया शायद रिश्ता बच जाए, शायद बात संभल जाए।लेकिन संपर्क नहीं टूटा, भरोसा नहीं जुड़ पाया,और पति का मन अंदर ही अंदर टूटता रहा, 7 जनवरी को सोनी अपने प्रेमी के साथ घर से चली गई।

 

पुलिस ने महिला को बरामद कर पाली थाने में रखा। सोमवार सुबह करीब 10:45 बजे पति अनूप थाने पहुंचा। बाकी घर के लोग सोनी की बहन , देवर ,लड़का पति के मौसा सब सोनी को समझा रहे थे लेकिन सोनी पर तो सुरजीत का भूत चढ़ा था ,पत्नी की लगातार सुरजीत को लेकर बाते करता देखकर पति का संयम टूट गया, गुस्से ने विवेक पर कब्ज़ा कर लिया और पल भर में तमंचा निकल गया। गोली चली थाने में खून बहा और एक मां जिंदगी की जंग हार गई अस्पताल में इलाज के दौरान सोनी की मौत हो गई।

सबसे बड़ा सवाल…13 साल के उस बेटे का क्या कसूर, जिसने मां को खो दिया और बाप जेल पहुंच गया अब जिंदगी भर वो इस वारदात का बोझ कैसे उठाएगा?

थाने के अंदर हथियार कैसे पहुंचा?

पुलिस अभिरक्षा में महिला कितनी सुरक्षित थी? इस मामले में महिला आरक्षी संजना राजपूत और आईओ विक्रांत चौधरी को निलंबित किया गया है —

लेकिन क्या सिर्फ निलंबन काफी है?

यह कहानी याद दिलाती है कि

गुस्सा जब हावी होता है, तो ज़िंदगी तबाह होती है रिश्ते जब संवाद खो देते हैं, तो अंजाम खून बन जाता है और सिस्टम जब चूकता है, तो कीमत आम लोग चुकाते हैं

Adv Vinod Kumar
Author: Adv Vinod Kumar

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