April 4, 2025 6:42 pm

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130 साल पहले ऐसी छिलते थे पेंसिल, इतना बड़ा होता था शार्पनर, स्कूल भी नहीं ले जा पाते बच्चे

जरुरत अविष्कार की जननी है. इंसान को जब जिस चीज की जरुरत महसूस होती है, अपनी सुविधा के लिए वो उसे बना लेता है. यही बात उसे जानवरों से अलग बनाती है. जब इंसान को आग की जरुरत थी तब उसने दो पत्थर को घिसकर आग बना लिया. लेकिन समय के साथ उसने इसमें भी अन्य अविष्कार किये. आज माचिस से लेकर लाइटर तक के जरिये आप आसानी से आग पैदा कर सकते हैं. यानी इंसान जब कभी किसी चीज का आविष्कार करता है, तब उसे और भी ज्यादा बेहतर बनाने में लग जाता है.

बचपन से आज तक आपने कई बार शार्पनर का इस्तेमाल किया होगा. छोटा सा शार्पनर आपके पेन्सिल की नोंक को तेज बना देता है. इस छोटे से शार्पनर को आपने कई बार देखा होगा. लेकिन क्या आप जानते हैं कि बच्चों की पेन्सिल बॉक्स में आसानी से समा जाने वाली ये शार्पनर हमेशा से इतनी इजी टू कैर्री नहीं थी. जी हां, आज जिस शार्पनर को आप आसानी से कहीं भी ले जा सकते हैं, जो देखने में इतनी छोटी सी है, उसे कभी इस्तेमाल करना काफी मुश्किल था.

ऐसे बदला रुप
सोशल मीडिया पर शार्पनर के बदलते रुप का वीडियो शेयर किया गया. इसमें 1830 से 2023 तक के शार्पनर के सफर को दिखाया गया. वीडियो देखने के बाद आप हैरानी से भर जाएंगे. 1830 में जिस शार्पनर का इस्तेमाल होता था, वो किसी दरवाजे के लॉक सा नजर आता था. इसमें पेन्सिल को डालकर उसके आगे लगे शार्प बोर्ड में घिसा जाता था. इसके बाद समय के साथ अलग-अलग तरह से इस मशीन को मोडिफाई किया गया. आज ये इतना छोटा सा बन गया है कि आसानी से कहीं भी इसे लेकर जा सकते हैं.

लोगों ने जताई हैरानी
वायरल हो रहे इस वीडियो को अब तक लाखों बार देखा जा चुका है. इसे देखने के बाद कई लोगों ने हैरानी जताई. एक यूजर ने लिखा कि उसने कभी सोचा नहीं था कि शार्पनर ने इतना सफर तय कर लिया है. आज जो छोटा सा शार्पनर हर घर में पेन्सिल छिलने के काम आता है, वो कभी इतना बड़ा होता था कि बैग में भी नहीं समा सकता था. समय के साथ इंसान ने इसके इस्तेमाल को आसान बनाया. आज ये बेहद छोटा बन चुका है और उसे आसानी से कहीं भी लेकर जाया जा सकता है.

Tags: Ajab Gajab, Khabre jara hatke, Weird news

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Adv Vinod Kumar
Author: Adv Vinod Kumar

न्यूज 21 भारत

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