न्यूज़ 21 भारत अमेठी
उत्तर प्रदेश सरकार ने लिया संजय गांधी अस्पताल मामले में संज्ञान।उत्तर प्रदेश उपमुख्यमंत्री/स्वास्थ्य मंत्री मा.ब्रजेश पाठक जी ने संज्ञान लेकर आदेशित किया, ।
अमेठी जिले के समाजसेवी एडवोकेट कालिका प्रसाद मिश्र ने कहा हमारी तीन मांगें क़रीब पूर्ण होने के लिए उपमुख्यमंत्री जी का धन्यवाद किया |
१.दोषियों के विरुद्ध FIR दर्ज हो गई है।
२.डिप्टी CM ने जाँच कमेटी बनाने के निर्देश दिये।
३.अस्पताल का लाइसेंस रद हो सकता है तब तक के लिये नये मरीज़ भर्ती पर रोक लगी।
एडवोकेट कालिका प्रसाद मिश्र ने कहा की हमारी यह भी एक मांग तत्काल पूर्ण की जाय…
“एक करोड़ की आर्थिक सहायता राशि तत्काल मिले”
संजय गाँधी अस्पताल मुंशीगंज का लाइसेंस होगा निरस्त ! डिप्टी CM
हमारी मांगे शांतिपूर्ण ढंग से पूर्ण होने तक जारी रहेगी।।
डिप्टी CM का आदेश…
संजय गाँधी अस्पताल मुंशीगंज, अमेठी में डॉक्टर की लापरवाही के चलते महिला मरीज की मृत्यु होने संबंधी प्रकरण का तत्काल संज्ञान लेते हुए मेरे द्वारा दिए गए आदेश के क्रम में सी०एम०ओ० अमेठी द्वारा तत्काल तीन सदस्यीय कमेटी से इस मामले की प्रारंभिक जांच कराई गई। प्रारंभिक जांच में पाई गई कमियों के आधार पर चिकित्सालय प्रशासन को क्लीनिकल एक्ट के अंतर्गत स्पष्टीकरण हेतु नोटिस निर्गत करने के आदेश दिए गए हैं।स्पष्टीकरण प्राप्त होने के बाद गुण व दोष के आधार पर अस्पताल प्रशासन के विरुद्ध कठोर कार्यवाही करते हुए उक्त अस्पताल का रजिस्ट्रेशन निरस्त कर सील किए जाने की कार्यवाही भी की जाएगी। समस्त कार्यवाही शीघ्रातिशीघ्र पूर्ण करने के आदेश भी दिए गए हैं तथा अस्पताल प्रशासन को नये मरीजों को भर्ती न करने के सख्त निर्देश देते हुए रोक लगा दी गई है।
बताते चलें कि संजय गांधी अस्पताल की नींव एक सितंबर 1982 को पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने रखी थी। 350 बिस्तरों वाला यह अस्पताल संजय गांधी मेमोरियल ट्रस्ट के तत्वावधान में एक परियोजना के रूप में संचालित है। अस्पताल का निर्माण पूरा होने के बाद यह 1996 से कार्य करना शुरू किया।