न्यूज़ 21 भारत अमेठी।केंद्रीय मंत्री व अमेठी सांसद के संसदीय क्षेत्र अमेठी में विकास की गंगा इस तरह बह रही है की लोगो को यूनानी अस्पताल में जाने के लिए पानी वाले रास्ते से जाना पड़ता है।जिसकी शिकायत अस्पताल में तैनात डॉक्टर कई बार कर चुके है लेकिन उसके बावजूद भी आज तक नही बन सका रास्ता ।मरीज तो मरीज डॉक्टर भी पानी के रास्ते से कूद फांदकर लोहे की सीढ़ी के सहारे अस्पताल के अंदर जाते है लेकिन आज तक किसी भी अधिकारी और नेता की नजर इस पर नही पड़ी।
आप को बताते चले मुसाफिरखाना कस्बा स्थित नवनिर्मित राजकीय यूनानी अस्पताल में आने जाने के लिए कोई भी समुचित रास्ता नही बना अस्पताल तो बन गया लेकिन आने जाने के लिए रास्ता नही बना। स्टाफ व मरीजों को पानी के रास्ते से अस्पताल जाना पड़ता है और अस्पताल परिसर के पीछे बने बाउंड्री वॉल तोड़कर अंदर आना जाना पड़ रहा है।जिसकी शिकायत अस्पताल में तैनात डॉक्टर मधुवन किशोर ने जिलाधिकारी से लेकर डीओ तक कि लेकिन आज तक वहाँ रास्ता नही बन सका बीते वर्षों में प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सरकार ने यूनानी अस्पताल को अति महत्वाकांक्षी योजना के तहत मुसाफिरखाना कस्बे में रेलवे स्टेशन के उत्तर दिशा में राजकीय यूनानी अस्पताल का निर्माण कराया है।
15 बेड वाले इस यूनानी अस्पताल में तैनात चिकित्सक डॉ मधुवन किशोर शासन की मंशा के अनुरूप हॉस्पिटल में प्रतिदिन मरीजों का बेहतर इलाज कर रहे हैं।इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि प्रतिदिन बड़ी संख्या में मरीज हॉस्पिटल पहुंचकर स्वास्थ्य होने का लाभ ले रहे हैं।किन्तु हॉस्पिटल पहुंचने के लिए एक सड़क तक नही।और बारिश होने के बाद अस्पताल पहुंचने के लिए कोई मार्ग नहीं है।मुख्य गेट के सामने अतिक्रमण के साथ ही जलभराव लगातार बना हुआ है।विकल्प के तौर पर लोगों ने अस्पताल आने जाने के लिए परिसर की पीछे बनी बाउंड्री वॉल तोड़कर दीवार फांदकर आने जाने को मजबूर हैं।