न्यूज़ 21 भारत मध्य प्रदेश
इस बार मध्य प्रदेश का चुनाव बड़ा ही दिलचस्प होने वाला है | इस बार चुनावी जंग में भारतीय जनता पार्टी तथा कांग्रेस ने मुख्यमंत्री चेहरे के सवाल पर चुप्पी साध रखी है । कांग्रेस ने बीते चुनाव के बाद मुख्यमंत्री बनाए गए कमलनाथ को चेहरा बनाने की घोषणा नहीं की है वहीं दूसरी ओर सत्ता पर काबिज भारतीय जनता पार्टी ने सामूहिक नेतृत्व में चुनाव लड़ने की घोषणा कर सीएम शिवराज सिंह चौहान के भविष्य पर असमंजस की स्थिति पैदा कर दी है। शिवराज को मुख्यमंत्री पद का चेहरा घोषित नहीं करने के साथ ही भाजपा ने तीन केंद्रीय मंत्रियों सहित सात सांसदों और महासचिव कैलाश विजयवर्गी को मैदान में उतारा है | भाजपा नेतृत्व ने इन लोगों को अपने-अपने क्षेत्र में अपना आधार साबित करने की जिम्मेदारी सौंपी हैं। भारतीय जनता पार्टी का मानना है कि इस रणनीति से यह संदेश जाएगा की अपने-अपने क्षेत्र में बेहतर प्रदर्शन करने वालों को सीएम का पद मिल सकता है ऐसे में ये सभी दिग्गज नेता पूरी ताकत लगाएंगे ।

कांग्रेस राहुल और प्रियंका के सहारे
कांग्रेस की कोशिश ऑपरेशन लोटस के जरिए गवाई सत्ता को फिर से हासिल करने की है ।कांग्रेस ने राहुल गांधी प्रियंका गांधी समेत दूसरे नेताओं की अलग-अलग भूमिका तय की है खोई सत्ता हासिल करने के लिए कांग्रेस महंगाई बेरोजगारी भ्रष्टाचार कानून व्यवस्था और वंचित वर्ग के खिलाफ अत्याचार जैसे मामले को चुनावी मुद्दा बना रही है कांग्रेस राज्य सरकार के भ्रष्टाचार को मुद्दा बनाने में जुटी है वहीं पार्टी ओबीसी से जुड़े सवालों को केंद्र में लाने के साथ दलित आदिवासियों में पैठ बनाने की कोशिश में है । शहरी वोट को साधने के लिए प्रियंका गांधी को आदिवासीओ और दलितो के बीच राहुल को भेजने का फैसला किया है ।

सुरक्षित सीटों पर सभी पार्टियों की निगाये।
पिछले चुनाव में इन्हीं सीटों ने भाजपा को सत्ता से दूर किया था इसलिए भारतीय जनता पार्टी इन सीटों पर अपने खोए हुए आधार को वापस पाना चाहती है । इसी उद्देश्य से भारतीय जनता पार्टी ने केंद्रीय मंत्री फग्गन सिंह कुलस्ते को मैदान में उतारा है ।वहीं पिछले चुनाव में इन सीटों पर कांग्रेस का औसत प्रदर्शन अच्छा रहा था इसीलिए कांग्रेस पार्टी ने इन सीटों पर राहुल गांधी को लगाने का फैसला किया है।
Author: Adv Vinod Kumar
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