न्यूज़ 21 भारत दिल्ली
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल आज ईडी के सामने पेश नहीं हुए। ईडी को उन्होंने मेल लिखकर समन वापस लेने की अपील की है। मध्य प्रदेश में चुनावी अभियान के लिए जा रहे हैं।बताया जा रहा है कि उनके कार्यक्रम पहले से शेड्यूल थे।अरविंद केजरीवाल ने आरोप लगाया कि समन राजनीति से प्रेरित है और बीजेपी के आदेश पर उन्हें समन जारी किया गया है।
दिल्ली CM अरविंद केजरीवाल शराब नीति केस में पूछताछ के लिए आज जांच एजेंसी ED के सामने पेश नहीं हुए। इसके बदले केजरीवाल ने ED को एक लेटर भेजकर समन को वापस लेने को कहा।
साथ ही केजरीवाल ने जांच एजेंसी से सवाल किया कि, आपने समन में मुझे यह नहीं बताया कि मैं संदिग्ध हूं या गवाह। ED के सूत्रों के मुताबिक, जांच एजेंसी केजरीवाल को नया समन जारी कर सकती है।
ED का अगला कदम क्या हो सकता है
प्रवर्तन निदेशायल फिर से अरविंद केजरीवाल को समन भेज सकती है। कोई शख्स सिर्फ तीन बार ही ईडी के समन को नजरअंदाज कर सकता है।समन भेजने के बाद जांच एजेंसी गैर-जमानती वारंट की मांग कर सकती है। गैर जमानती वारंट कोर्ट का आदेश होता है, जिस पर तय समय और तारीख पर पेश होना जरूरी होता है। अगर कोई गैर जमानती वारंट की बात नहीं मानता है तो उन्हें गिरफ्तार किया जा सकता है और फिर कोर्ट में पेशी होगी।
केजरीवाल ने कहा मुझे बहुत काम है
अरविंद केजरीवाल ने लिखा की इस समय पांच राज्यों में मिजोरम, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान और तेलंगाना में जल्द ही चुनाव होने वाले हैं। आम आदमी पार्टी हर जगह चुनाव लड़ रही है। पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक और स्टार प्रचारक होने के नाते, मुझे चुनाव प्रचार के लिए यात्रा करनी है।
अरविंद केजरीवाल ने आगे लिखा की मैं दिल्ली का मौजूदा मुख्यमंत्री हूं। दिवाली के त्योहार के चलते मेरे पास आधिकारिक तौर पर कई काम हैं। जहां मेरा होना जरूरी है। केजरीवाल ने लेटर के आखिर में ED से समन को वापस लेने की मांग की।
केजरीवाल के पास क्या है बचाव के विकल्प
अरविंद केजरीवाल समन को चुनौती देने के लिए कोर्ट का रुख कर सकते हैं और अग्रिम जमानत की मांग कर सकते हैं। शराब नीति घोटाला मामले में आम आदमी पार्टी (AAP) की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। फरवरी में दिल्ली के डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया की गिरफ्तारी के बाद से वह लगातार जमानत की मांग कर रहे हैं, लेकिन उन्हें राहत नहीं मिली। सोमवार (30 अक्टूबर) को भी सुप्रीम कोर्ट ने उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी।वहीं 5 अक्टूबर को आप के राज्यसभा सांसद संजय सिंह की भी गिरफ्तारी हो चुकी है।