श्री कृष्ण ने कैसे तोड़ा इन्द्र भगवान का घमण्ड

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न्यूज 21भारत सुल्तानपुर

श्रीकृष्ण-रुक्मिणी विवाह पर महिलाओं ने गाये मंगलगीत,झूमे स्रोता बल्दीराय(सुल्तानपुर)।क्षेत्र के हलियापुर में चल रही श्रीमद् भागवत् कथा के छठवें दिन कथाव्यास धन्वंतरि महाराज ने प्रसंग में बताया कि इंद्र भगवान को अपनी सत्ता शक्ति पर बड़ा घमंड था।

उनका गर्व चूर करने को श्रीकृष्ण भगवान ने ब्रजमंडल में इंद्र की पूजा बन्द करवा दी।इससे गुस्साए इंद्र ने ब्रजमंडल पर भारी बरसात कराई।प्रलय से लोगों को बचाने के लिए भगवान ने कनिष्ठा उंगली पर गोवर्धन पर्वत को उठा लिया।प्रसंग में बताया कि विदर्भ देश के राजा भीष्म की पुत्री रुक्मिणी थी जो साक्षात लक्ष्मी का अवतार थी।उसने देवर्षि नारद से श्री कृष्ण की प्रशंसा सुनी तो तभी उसने मन ही मन विवाह को सोच लिया व श्रीकृष्ण के पास संदेश भिजवाया।भगवान श्रीकृष्ण विदर्भ नगरी के कुंडीनपुर पहुँचे व वहाँ शिशुपाल सहित अन्य को युद्ध मे हराकर रुक्मिणी की इच्छा से उनको हरण कर ले आये व द्वारिका में विवाह किया।

इस अवसर में उपस्थित महिलाओं ने मंगलगीत गाये।इस अवसर पर रेखराज सिंह,धर्मराज मिश्रा, अजय सिंह,विपिन सिंह,श्याम नारायण तिवारी,मनोज सिंह, रणविजय सिंह,घनश्याम सिंह सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने कथा श्रवण की।

इबरार अहमद की रिपोर्ट

Adv Vinod Kumar
Author: Adv Vinod Kumar

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