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Dhanteras 2023: हर वर्ष कार्तिक कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि को धनतेरस का पर्व मनाया जाता है। इसी तिथि पर भगवान धन्वंतरि सोने के कलश के साथ प्रकट हुए थे। साथ ही त्रयोदशी के दिन ही आयुर्वेद के देवता धन्वंतरि जी की जयंती भी मनाई जाती है। इस साल 10 नवंबर को धनतेरस है। 10 नवंबर को दोपहर 12 बजकर 35 मिनट से लेकर अगले दिन यानी 11 नवंबर की सुबह तक खरीदारी करने का शुभ मुहूर्त है।
धनतेरस कथा
पौराणिक कथा के अनुसार जब अमृत प्राप्ति के लिए देवताओं और दानवों के द्वारा समुद्र मंथन किया गया था, तो एक-एक करके उससे क्रमशः चौदह रत्नों की प्राप्ति हुई। समुद्र मंथन के बाद सबसे अंत में अमृत की प्राप्ति हुई थी। कहा जाता है कि भगवान धन्वंतरि समुद्र से अपने हाथों में अमृत कलश लेकर प्रकट हुए थे। जिस दिन भगवान धन्वंतरि अमृत कलश लेकर प्रकट हुए वह कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि थी, इसलिए धनतेरस या धनत्रयोदशी के दिन धन्वंतरि देव के पूजन का विधान है।
यमराज को करे दीप दान
लेकिन इस दिन एक ऐसा भी काम है, जो किया जाता है और इससे अकाल मृत्यु से मुक्ति मिल जाती है। ज्योतिषाचार्य सद्ग्रग्रहस्थ आचार्य पंडित विवेक आंनंद जी महाराज बताते हैं कि धनतेरस के दिन यमराज को दीप दान करने से अकाल मृत्यु का नाश हो जाता है।
उन्होंने बताया कि स्कंद पुराण में भी इसका वर्णन है, जिसके अनुसार कार्तिक पक्ष के त्रयोदशी के प्रदोष काल में यमराज के निमित्त दीप और नैवेद्य समर्पित करने पर अकाल मृत्यु का नाश होता है। उन्होंने बताया कि पांच दिवसीय दीपावली का पहला दिन धन त्रयोदशी से आरंभ होता है और इसी दिन यमराज को दीपदान भी किया जाता है। ज्योतिषाचार्य ने बताया कि पूरे साल में बस एकमात्र यही दिन है जब मृत्यु के देवता यमराज की पूजा दीप दान करके की जाती है। हालांकि कुछ लोग नरक चतुर्दशी यानी छोटी दीपावली के दिन भी दीपदान करते हैं।
गोबर का दीप बनाकर जलाये दीपक
विवेक आंनंद जी महाराज ने बताया कि इस दिन लोगों को चाहिए कि वह गोबर का दीया बनाकर उसमें सरसों का तेल डाल दें तथा उसे घर में ही जला लें और उसे घर से बाहर दूर ले जाकर किसी नाली या कूड़े के ढेर के पास दक्षिण की दिशा में मुख करके रख दें। इसके बाद जल भी चढ़ाना चाहिए। उन्होंने बताया कि यह काम सूरज डूबने के बाद ही किया जाता है तथा परिवार के सभी सदस्यों के घर आ जाने और खाने-पीने के बाद सोने से ठीक पहले किया जाता है। ऐसा करने से प्रेत बाधा का भी नाश होता है तथा लोगों के ऊपर से अल्प मृत्यु का संकट समाप्त हो जाता है। ऐसा करने से शत्रुओं का भी नाश होता है।
जानिए क्या है यमराज के दीपदान की कथा
ज्योतिषाचार्य विवेक आंनंद जी महाराज ने बताया कि पुराणों में वर्णित कथा के अनुसार एक समय यमराज ने अपने दूतों से पूछा कि क्या तुम्हें कभी प्राणियों के प्राण हरण करते समय किसी पर दया आई है। तो उनके दूत ने कहा कि नहीं महाराज। यमराज ने दोबारा पूछा तो उन्होंने बताया कि एक बार ऐसी घटना घटी थी जिससे हमारा हृदय कांप उठा था। हेम नामक राजा की पत्नी ने जब एक पुत्र को जन्म दिया तो ज्योतिषियों ने नक्षत्र गणना करके बताया कि यह बालक जब भी विवाह करेगा उसके चार दिन बाद ही मर जाएगा। यह जानकर उस राजा ने बालक को यमुना तट के पास एक गुफा में ब्रह्मचारी के रूप में रखकर बड़ा किया।
राजकुमार ने कर लिया था गंधर्व विवाह
ज्योतिषाचार्य विवेक आंनंद जी महाराज ने बताया कि महाराज हंस की युवा बेटी यमुना तट पर घूम रही थी। तब वह ब्रह्मचारी युवक उस कन्या पर मोहित हो गया और उसने गंधर्व विवाह कर लिया। लेकिन जैसे ही चौथा दिन पूरा हुआ राजकुमार की मौत हो गई। अपने पति की मृत्यु देखकर उसकी पत्नी बिलख-बिलख कर रोने लगी। उस दिन वह विवाहित कन्या का करुण विलाप सुनकर हमारा हृदय भी कांप उठा।
यमदूतों ने यमराज से पूछा था अकाल मृत्यु का उपाय
यमदूतों ने कहा कि उनके राजकुमार के प्राण हरण करते समय हमारे आंसू नहीं रुक रहे थे।तभी एक यमदूत ने पूछा क्या अकाल मृत्यु से बचने का कोई उपाय नहीं है। इस पर यमराज बोले एक उपाय है, अकाल मृत्यु से छुटकारा पाने के लिए व्यक्ति को धनतेरस के दिन पूजन और दीप दान विधि पूर्वक करना चाहिए। जहां यह पूजन होता है वहां अकाल मृत्यु का भय नहीं सताता है। कहते हैं कि तभी से धनतेरस के दिन यमराज के पूजन के बाद दीप दान की प्रथा प्रचलित हुई है।

धनतेरस पर क्या खरीदें?
• धनतेरस के दिन सोना-चांदी के अलावा बर्तन, वाहन और कुबेर यंत्र खरीदना शुभ होता है।
• इसके अलावा झाड़ू खरीदना भी अच्छा माना जाता है। मान्यता है इस दिन झाड़ू खरीदने से मां लक्ष्मी मेहरबान रहती हैं।
• वहीं यदि धनतेरस के दिन आप कोई कीमती वस्तु नहीं खरीद पा रहे हैं तो साबुत धनिया जरूर घर ले आएं।
मान्यता है इससे धन की कभी कमी नहीं होती है।
•इसके अलावा आप गोमती चक्र भी खरीद सकते हैं। इससे मां लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं।
धनतेरस पर क्या नहीं खरीदें?
• इस दिन लोहा या लोहे से बनी वस्तुएं घर लाना शुभ नहीं माना जाता है। ज्योतिष के अनुसार यदि आप धनतेरस के दिन लोहे से बनी कोई भी वस्तु घर लाते हैं, तो घर में दुर्भाग्य का प्रवेश हो जाता है।
• धनतेरस पर एल्युमिनियम या स्टील की वस्तुएं न खरीदें। मान्यता है कि स्टील या एल्युमिनियम से बने बर्तन या अन्य कोई सामान खरीदने से मां लक्ष्मी रूठ जाती हैं।
• ज्योतिष के अनुसार यदि आप धनतेरस के दिन घर में कोई भी प्लास्टिक की चीज लेकर आएंगे तो इससे धन के स्थायित्व और बरकत में कमी आ सकती है, इसलिए धनतेरस के दिन प्लास्टिक की वस्तुएं भी न खरीदें।
• धनतेरस के शुभ अवसर पर शीशे या कांच की बनी चीजें भी बिल्कुल नहीं खरीदनी चाहिए।
• ज्योतिष के अनुसार धनतेरस के दिन चीनी मिट्टी या बोन चाइना की कोई भी वस्तु नहीं खरीदनी चाहिए।
धनतेरस पर करें ये उपाय
- धनतेरस पर भगवान धन्वंतरि, माता लक्ष्मी, कुबेर, यमराज और भगवान गणेश जी की पूजा करें।
- धनतेरस के दिन घर और बाहर 13 दीपक जलाने से बीमारियों को दूर किया जा सकता है।
- दान करना पुण्य कर्म है। माना जाता है कि, दान करने से पिछले जन्म के पाप धुल जाते है। धनतेरस के दिन दान करने का विशेष महत्व होता है।
- इस दिन यदि आप सूर्यास्त से पहले दान करते हैं तो आपको धन की कमी नहीं होगी। हालांकि इस दिन सफेद कपड़ा, चावल, चीनी आदि का दान नहीं करना है।
- धनतेरस पर पशुओं की पूजा करने से आर्थिक परेशानियां दूर होती हैं।
Author: Adv Vinod Kumar
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