गोपिकाओं के भक्ति योग के सामने विफल हुआ उद्धव का ज्ञान

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न्यूज 21 भारत अमेठी

अमेठी।गौरीगंज के सैठा गांव में चल रही श्रीमद् भागवत कथा में कथा व्यास डॉ. काशी नरेशाचार्य ने कंस वध उद्धव गोपी संवाद और कृष्ण विवाह की कथा का रोचक वर्णन किया। उन्होंने कहा कि प्रभु को उनके भक्त सबसे अधिक प्रिय हैं।

कथा व्यास ने कहा कि मथुरा में कंस के अखाड़े में लड़ने के लिए एक से बढ़कर एक पहलवान आये लेकिन भगवान श्री कृष्ण ने सभी को चित कर दिया। इसके बाद उन्होंने कंस का वध करके पृथ्वी को उसके भार से मुक्त किया। इसके बाद भगवान भाई बलराम के साथ गुरु सांदीपनी के आश्रम में पढ़ने के लिए गए। जहां उन्होंने सुदामा से मित्रता की। कथा व्यास ने उद्धव और गोपी संवाद का अत्यंत ही मार्मिक वर्णन किया। उन्होंने कहा कि उद्धव अपने ज्ञान का दंभ लेकर गोपिकाओं को समझाने के लिए निकले थे लेकिन गोपिकाओं ने जिस प्रकार से प्रेम और भक्ति का वर्णन उद्धव के समक्ष किया उससे वह स्वयं वशीभूत हो गए। जरासंध से भगवान ने विभिन्न लड़ाइयां लड़ी और सभी में उसे पराजित किया। अंतिम लड़ाई में भगवान ने माया रची और मैदान छोड़कर चले गए। इससे उनका रणछोर नाम पड़ा। अंत में कथा व्यास ने रुक्मणी विवाह का रोचक वर्णन किया। जिससे समस्त श्रोतागण झूम उठे। कथा में अयोध्या के महापौर गिरीश पति त्रिपाठी ने भी हिस्सा लिया। उन्होंने उपस्थित लोगों को शुभकामनाएं दी। इस मौके पर पवन सिंह,अनिल सिंह,भगोले बैस,गुरुद्दीन मिश्र,बचई सिंह,विजय बघेल, संतोष सिंह समेत कई लोग मौजूद रहे।

Adv Vinod Kumar
Author: Adv Vinod Kumar

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