न्यूज 21भारत लखनऊ
लखनऊ ‘बच्ची सांवली है… इसको जॉनसन बेबी पाउडर लगाना, आठ दिन में गोरी हो जाएगी। इसका रेट 30 हजार कम करा देंगे। ज्यादा सुंदर बच्चा चाहिए तो मई तक रुक जाइए। हमारी एक पार्टी का सातवां महीना चल रहा है। पांच हजार रुपए में लखीमपुर से पता लगा लेंगे कि बड़ी फाइल (बेटा) है या छोटी फाइल (बेटी)।’ लखनऊ में मासूम बच्ची का सौदा कर रही यह महिला चाइल्ड ट्रैफिकिंग गैंग की सदस्य है। गैंग तक पहुंचने में दैनिक भास्कर टीम को 20 दिन लगे। हमारा रिपोर्टर निःसंतान बनकर इस गिरोह तक पहुंचा। लखनऊ में बच्ची की डिलीवरी तय की गई। गैंग की दूसरी महिला सदस्य दिल्ली से बच्ची लेकर आई। UP में पहली बार बच्चा बेचते हुए चाइल्ड ट्रैफिकिंग गैंग कैमरे में कैद हुई। ये नेक्सेस कैसे काम करता है? अब तक कितने बच्चे बेचे हैं? किस रेट पर बच्चे बेचते हैं? लखनऊ के गुडंबा में चोरी का बच्चा बेचने वाली एक महिला की गिरफ्तारी के बाद हमने इन्वेस्टिगेशन शुरू की। हमें इस गिरोह की सदस्य संतोषी का पता चला, जिसकी उम्र 45 साल है। उसका मोबाइल नंबर मिला। हमने फोन पर कहा- हमारी कोई संतान नहीं है। बच्चा चाहिए, चाहे जितना पैसा लगे। उसका पहला सवाल था कि मेरा नंबर कहां से मिला? हमने कहा, जिन लोगों ने आपसे बच्चा खरीदा है, उन्हीं ने दिया है। हमने उससे मिलने की इच्छा जताई। दो-तीन जगह बदलकर लखनऊ में सीतापुर रोड पर छठामिल के पास वह बुजुर्ग व्यक्ति के साथ मिलने आई। हमने कहा- हमें लड़का चाहिए।
ब्यूरो रिपोर्ट