न्यूज 21भारत अमेठी:
2024 के पहले अमेठी के नेताओं को मिला संजय गाँधी अस्पताल का मामला,एक तरफ़ एक 22 वर्षीय महिला की संजय गाँधी अस्पताल में मौत हो जाती है।और शासन प्रशासन द्वारा अस्पताल का लाइसेंस निलंबित कर दिया जाता है मृतका दिव्या के घर वाले मृतका की मौत की शिकायत स्थानीय थाना में करते है पुलिस ने अस्पताल के सीईओ समेत 3 डॉक्टरों पर मुकदमा लिख कर कार्यवाही में जुट गई और डिप्टी सीएम बृजेश पाठक के निर्देश पर सीएमओ ने 3 सदस्यीय टीम बना कर महिला की मौत की जाँच कराई जाँच पूरी हुई और टीम द्वारा रिपोर्ट दी गयी कि डॉक्टर की लापरवाही से महिला की मौत हुई और सीएमओ ने रिपोर्ट मिलते ही अस्पताल को निलंबित कर दिया।
अस्पताल का लाईसेंस बहाल करने के लिए कांग्रेस ने सत्याग्रह आंदोलन शुरू किया और आंदोलन के समर्थन में सपा आम आदमी पार्टी के जिला अध्यक्ष समेत सैकड़ो कार्यकर्ताओ ने सत्याग्रह आंदोलन में कांग्रेस का समर्थन देंते हुए सत्याग्रह आंदोलन में शामिल हो गए और कांग्रेस के कार्यकर्ता ने अमेठी की जनता को पम्पलेट औऱ गुलाब के फूल दे कर सरकार से अस्पताल की बहाली के लिए संदेश दे रहे है।चूंकि सभी पार्टियों को महिला की मौत और अस्पताल का लाईसेंस के निलंबन का मामला 2024 के चुनाव में स्मृति इरानी को घेरने के लिए मुद्दा बन गया महिला की मौत के बाद अस्पताल बन्द हो गया और लगभग अस्पताल में काम कर रहे 450 कर्मचारी बेरोजगार हो गए और परिवार का भरण पोषण पे संकट छा गया।और लगभग 1200 छात्राओं का भविष्य अंधकार में हो गया इन सब को राजनीतिक पार्टियां मुद्दा बना कर भाजपा और केंद्रीय मंत्री स्मृति इरानी को घेरना शुरू कर दिया।
भाजपा ने किया पलटवार
वहीं भाजपा भी सभी राजनीतिक पार्टियों को जबाब देते हुए शनिवार को भाजपा का एक प्रतिनिधि मंडल मृतका दिव्या शुक्ला के घर जाकर उनके परिजनों से मिल कर उनके दर्द पे मरहम लगाते हुए जिला पंचायत अध्यक्ष ने 1 लाख रुपये का कैश दिया और कांग्रेस को जमकर आड़े हांथो लिया और मीडिया से बात करते हुए कहा किसी भी पार्टी को इस परिवार की चिंता नही है सभी पार्टियों को केवल अस्पताल चलवाने की चिंता है लेकिन हमारी सांसद को इस परिवार की चिंता है और हर सम्भव इस परिवार की मदद करेंगे और न्याय दिलाने का काम करेंगे। भाजपा भी मुशाफिरखाना कस्बे में पर्चा बाट कर लोगो को संदेश देने की कोशिश कर रही है।
सता रहा बेरोजगारी का डर
चुनाव से पहले अस्पताल खुलवाने की राजनीति से लेकर मृतका दिव्या शुक्ला के परिवार की मदद करने तक सभी पार्टियां एक दूसरे पर आरोप प्रत्यारोप लगाने से पीछे नही हट रहे है लेकिन जनता की असली परेशानी को कोई भी नही समझ रहा है एक तरफ सैकड़ो लोग बेरोजगार हो गए दूसरी तरफ 1200 सौ पैरा मेडिकल के छात्रों की ट्रेनिग और उनका भविष्य अंधकार में है और जो संजय गाँधी अस्पताल के पुराने मरीज है वो अपने इलाज के लिए परेशान है,उधर जिले के 26 अल्ट्रासाउंड सेंटरों का भी लाइसेंस निलंबित हो गया इन सब वजहों से जनता काफी परेशान है।
और सभी राजनीतिक पार्टियां इसको मुद्दा बना कर भाजपा और केंद्रीय मंत्री स्मृति इरानी को घेरने का काम कर रहे है,कहीं न कहीं ये अस्पताल का मामला 2024 के चुनाव में भाजपा के गले की फांस न बन जाए फिलहाल देखना दिलचस्प होगा 2024 के पहले चुनावी बॉल किसके हाँथ में होगी।
करूणा शंकर वर्मा की रिपोर्ट