न्यूज 21भारत अमेठी
2019 के लोक सभा चुनाव में राहुल गाँधी की हार का कारण कांग्रेस के कुछ चुनिंदा कार्यकर्ता थे जिसे राहुल गाँधी अपना सबसे करीबी कार्यकर्ता मानते थे।सूत्र बताते है राहुल गांधी जब अमेठी दौरे पर आते थे तो कार्यकर्ताओं के साथ मुंशीगंज के गेस्ट हाउस में बैठक कर अमेठी की जनता की समस्याओं पर चर्चा करते थे और कार्यकर्ताओं द्वारा राहुल गांधी को फीड बैक दिया जाता था कि अमेठी में बहुत विकास हो रहा है जनता मजे में है।जब राहुल गाँधी जनता दरबार लगे तो वही कार्यकर्ता जनता को मिलने न दे और साथ मे एसपीजी के जवान की वजह से रास्ते मे जनता मिल न पाए राहुल गाँधी से और राहुल गांधी की अमेठी की जनता से धीरे धीरे दूरी बनती चली गई और जनता ने स्मृति इरानी पर भरोसा करते हुए 2019 में उन्हें अमेठी का सांसद बना दिया।
अमेठी की जनता ने स्मृति इरानी को दीदी मान लिया और स्मृति इरानी अमेठी की जनता को भाई बना लिया और इस रिश्ते को अच्छी तरह स्मृति इरानी और अमेठी के उनके भाई यानी कि जनता बखूबी रिश्ता निभाने लगे लेकिन कुछ वक्त बीता और भाजपा के जो पुराने कार्यकर्ता थे वो धीरे धीरे नए कार्यकर्ताओ की वजह से दूर हो गए और नए कार्यकर्ताओ ने स्मृति इरानी को गलत फीड बैक दे देकर अमेठी की जनता से दूर करते जा रहे है।जैसे कांग्रेसी राहुल गांधी को गुमराह कर कर के अमेठी की जनता से दूर कर दिया उसी तरह भाजपा के कुछ कार्यकर्ता स्मृति इरानी को गलत फीड बैक देकर ईमानदार भाजपा कार्यकर्ताओं को नजर अंदाज करती जा रही है।
एक दिन ऐसा आएगा कि राहुल गांधी की तरह अमेठी स्मृति इरानी को भी भूल जाएगी ये वही अमेठी की जनता है जो गाँधी परिवार को अपना परिवार मानती थी और इन कार्यकर्ताओ की वजह से गाँधी परिवार को छोड़ते हुए 2019 का चुनाव राहुल गांधी को मतदान न करके चुनाव हरवा दी और स्मृति ईरानी को मतदान कर सांसद बना दिया।लेकिन स्मृति ईरानी कुंछ चुन्नीदा कार्यकर्ताओ की वजह से अमेठी का चुनाव 2024 में हार का कारण बन सकती है!
करूणा शंकर की कलम से