न्यूज़ 21 भारत देवरिया
यूपी के देवरिया कांड में हुई छह हत्याओं के बाद सियासत जारी है | सोमवार को पीड़ित परिवारों से मिलने सपा मुखिया अखिलेश यादव पहुंचे | वहीं इस नरसंहार में मारे गए सत्यप्रकाश दुबे का बेटा देवेश दुबे ने सपा मुखिया से मिलने से मना कर दिया | देवेश दुबे ने कहा कि सपा के सरकार में मेरे साथ अन्याय हुआ |अब मिलकर कोई फायदा नहीं है |
देवेश दुबे कहा कि वर्ष 2014 में समाजवादी पार्टी की सरकार थी उसी वक्त हमारे पिता सत्य प्रकाश दुबे ने सरकार से गुहार लगाई थी कि हमारी भूमि जबरिया दबंग प्रेमचंद यादव द्वारा बैनामा कराया जा रहा है | लेकिन उस वक्त कोई सुनवाई नहीं हुई | उन्होंने इन्हीं सब वजहों के कारण अखिलेश यादव से मिलने से इनकार कर दिया है |
सत्यप्रकाश के बेटे के ना मिलने के बावजूद अखिलेश यादव पहुचे दुबे के घर
इसके पहले अखिलेश यादव सत्य प्रकाश दुबे के घर के पास स्थित घटनास्थल पर पहुंचे। जहां दुबे समेत परिजनों को श्रद्धांजलि दी। वहां से अखिलेश यादव प्रेमचंद यादव के घर गए। जहां प्रेमचंद के परिजनों से मुलाकात कर घटना की पूरी जानकारी ली और उन्हें सांत्वना दी। प्रेमचंद के परिजनों ने कहा कि हमारे साथ न्याय नहीं हो रहा है।सरकार हमारा घर गिरने की तैयारी कर रही है। घटना की सीबीआई जांच कराई जाए। इस पर अखिलेश यादव ने कहा कि घर नहीं गिरने दिया जाएगा और घटना की सीबीआई जांच कराई जाएगी हम आप लोगों के साथ हैं।
अखिलेश यादव ने कहा सरकार का बुलडोजर हम रोकेंगे
अखिलेश ने कहा की सरकार बुलडोजर का डर दिखाकर लोगों को डरा रही है। इन्हें अभी जनता की ताकत का अंदाजा नहीं है। इनका बुलडोजर जनता रोक देगी। प्रेमचंद यादव के घर पर भी बुलडोजर चलाने की बात की जा रही है। यहां सरकार का बुलडोजर हम रोकेंगे। हम प्रेमचंद यादव का घर नहीं गिरने देंगे।
जिलाधिकारी के बयान का किया जिक्र
अखिलेश यादव ने कहा की यहां के जिलाधिकारी ने अपने बयान में कहा था कि प्रेमचंद की हत्या के प्रतिशोध में दूसरी घटना हुई है।जीरो टॉलरेंस की बात करने वाले लोग पहले घटना करते हैं फिर राजनीतिक लाभ लेते हैं। सरकार अभी तक प्रेमचंद यादव की हत्या की जांच नहीं करा पाई। प्रेम को घर बुलाना फिर धारदार हथियार से उनकी हत्या करना और भीड़ का जुटना यह सब जांच का विषय है। क्योंकि प्रेम के घर से सत्यप्रकाश के घर की दूरी काफी है और अगर प्रेम की नियत वहां हमला करने की होती तो वह बाइक से खाली हाथ अकेले नहीं जाते।