न्यूज़ 21 भारत
आज रविवार 26 नवंबर को पीएम मोदी ने रेडियो प्रोग्राम मन की बात का 107वां एपिसोड हुआ प्रसारित इस एपिसोड में उन्होंने बताया कि कैसे त्योहारों के इस मौसम में चार लाख करोड़ रुपये से ज्यादा के कारोबार हुआ और ‘वोकल फॉर लोकल’ को बल मिला।
26/11 हमलों में जान गंवाने वालों को दी श्रद्धांजलि
पीएम मोदी ने कहा कि 26 नवंबर को हम कभी नहीं भूल सकते हैं। आज ही के दिन देश पर सबसे जघन्य हमला हुआ था।उन्होंने कहा कि आतंकियों ने मुंबई को, पूरे देश को थर्रा कर रख दिया था। लेकिन भारत का सामर्थ्य है कि हम उस हमले से उबरे और अब पूरे हौसले के साथ आतंक को कुचल भी रहे हैं। मुंबई हमले में जान गंवाने वाले लोगों को मैं श्रद्धांजलि देता हूं।
पीएम ने संविधान दिवस की शुभकामनाएं दीं
पीएम ने कहा कि 1949 में आज ही के दिन संविधान सभा ने भारत के संविधान को अंगीकार किया था। पीएम ने कहा कि राष्ट्र निर्माण में जब सबका साथ होता है, तभी सबका विकास भी हो पाता है। मुझे संतोष है कि संविधान निर्माताओं के उसी दूरदृष्टि का पालन करते हुए, अब भारत की संसद ने ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ को पास किया है।
वोकल फॉर लोकल कि अपील
मोदी ने देशवासियों से ‘वोकल फॉर लोकल’ अभियान को सिर्फ त्योहारों तक ही सीमित न रखने की अपील की और उनसे आग्रह किया कि उन्हें शादी के मौसम में भी स्थानीय उत्पादों को महत्व देना चाहिए। ‘मन की बात’ की पिछली कड़ी में लोगों से स्थानीय उत्पादों की खरीदारी पर बल देने के अपने आग्रह का जिक्र करते हुए मोदी ने कहा, ‘बीते कुछ दिनों के भीतर देश में चार लाख करोड़ रुपये से ज्यादा का कारोबार हुआ और इस दौरान भारत में बने उत्पादों को खरीदने का जबरदस्त उत्साह लोगों में देखा गया। उन्होंने कहा कि अब तो घर के बच्चे भी दुकान पर कुछ खरीदते समय देखने लगे हैं कि उस पर ‘मेड इन इंडिया’ लिखा है कि नहीं।
मोदी ने कहा, ‘इतना ही नहीं ऑनलाइन सामान खरीदते समय भी अब लोग यह देखना नहीं भूलते हैं कि उत्पाद किस देश में बना है।’ उन्होंने कहा, ‘जैसे स्वच्छ भारत अभियान की सफलता ही उसकी प्रेरणा बन रही है वैसे ही ‘वोकल फॉर लोकल’ की सफलता विकसित भारत और समृद्ध भारत के द्वार खोल रही है।’ प्रधानमंत्री ने कहा कि ‘वोकल फॉर लोकल’ का अभियान पूरे देश की अर्थव्यवस्था को मजबूती देता है। उन्होंने कहा, ‘यह रोजगार की गारंटी है। यह विकास की गारंटी है, यह देश के संतुलित विकास की गारंटी है। इससे शहरी और ग्रामीण दोनों को समान अवसर मिलते हैं। इससे स्थानीय उत्पादों में गुणात्मक वृद्धि होती है और कभी वैश्विक अर्थव्यवस्था में उतार-चढ़ाव आता है तो ‘वोकल फॉर लोकल’ का मंत्र हमारी अर्थव्यवस्था को संरक्षित भी करता है।
विदेशों में शादी करने के चलन पर सवाल उठाया
प्रधानमंत्री ने इस दौरान कुछ परिवारों द्वारा विदेशों में शादी करने के चलन पर सवाल उठाया इन दिनों कुछ परिवारों में विदेश जाकर शादी करने का नया ही वातावरण बनता जा रहा है।पीएम ने पूछा- क्या ये जरूरी है? भारत की मिट्टी में, भारत के लोगों के बीच, अगर हम शादी ब्याह मनाएं, तो देश का पैसा, देश में रहेगा। देश के लोगों को आपकी शादी में कुछ न कुछ सेवा करने का अवसर मिलेगा, छोटे-छोटे गरीब लोग भी अपने बच्चों को आपकी शादी की बातें बताएंगे।

Author: Adv Vinod Kumar
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