April 4, 2025 6:51 pm

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प्रपोज डे पर जनता ने नकारा, शनिवार के दिन पहली बार हारे अरविंद केजरीवाल, क्या शनि का प्रकोप पड़ा भारी?

न्यूज 21भारत दिल्ली

दिल्ली की सियासी जंग में आम आदमी पार्टी (AAP) को करारी हार का सामना करना पड़ा, और यह पहली बार हुआ जब विधानसभा चुनाव के नतीजे शनिवार को घोषित किए गए। दिलचस्प बात यह है कि अरविंद केजरीवाल को अब तक जब भी जीत मिली, वह कभी शनिवार के दिन नहीं आई। इस बार प्रपोज डे (10 फरवरी) के दिन जनता ने AAP को पूरी तरह नकार दिया, जिससे चुनावी हार को लेकर शनि ग्रह की चर्चा तेज हो गई है।

अरविंद केजरीवाल ने जब 2013 में पहली बार जीत हासिल की थी, तब रविवार का दिन था। 2015 और 2020 में जब AAP को दिल्ली में भारी जीत मिली, तब मंगलवार था। 2022 में पंजाब में मिली जीत गुरुवार को और दिल्ली नगर निगम चुनाव की जीत बुधवार को आई थी। लेकिन इस बार नतीजे शनिवार को आए, और यह AAP के लिए अब तक की सबसे बुरी हार साबित हुई।

2013 में AAP को 28 सीटें, 2015 में 67 सीटें और 2020 में 62 सीटें मिली थीं, लेकिन इस बार पार्टी 25 सीटों का आंकड़ा भी पार नहीं कर पाई। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के साथ-साथ मनीष सिसोदिया, सोमनाथ भारती और कई बड़े नेता चुनाव हार गए। यह पहली बार हुआ कि केजरीवाल की पार्टी को इतनी बुरी हार झेलनी पड़ी।

2012 में आम आदमी पार्टी का गठन सोमवार को हुआ था, और इसके बाद से जब भी चुनाव में AAP को जीत मिली, वह शनिवार को नहीं आई। पहली बार जब शनिवार के दिन चुनाव परिणाम आए, पार्टी का प्रदर्शन सबसे कमजोर रहा।

चुनावी हार के बाद अरविंद केजरीवाल ने कहा कि “हम सत्ता के लिए राजनीति में नहीं आए थे, जनता का फैसला स्वीकार है और हम हार की समीक्षा करेंगे।”

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह सिर्फ संयोग हो सकता है, लेकिन AAP की हार के साथ पहली बार शनिवार का संयोग और शनि ग्रह की चर्चा तेज हो गई है। क्या अरविंद केजरीवाल की रणनीतिक चूक उनकी हार की वजह बनी, या फिर वाकई शनिवार उनके लिए अशुभ साबित हुआ?

ब्यूरो रिपोर्ट दिल्ली 

Adv Vinod Kumar
Author: Adv Vinod Kumar

न्यूज 21 भारत

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