April 4, 2025 6:42 pm

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ग्राम पंचायत में प्रधान सचिव पर लगे भ्रष्टाचार के आरोप में नहीं हुई जांच, बैरंग वापस लौटे जांच अधिकारी 

न्यूज 21भारत अमेठी 

भाकियू ने मौजूदा ग्राम प्रधान और सचिव पर लगाया है ग्राम पंचायत विकास कार्यों में भ्रष्टाचार का आरोप

अमेठी। अमेठी की ग्राम पंचायत लोहरता में ग्राम प्रधान और सचिव की ओर से विकास कार्यों में किया जा रहे भ्रष्टाचार और अनियमितता के मामले में जांच करने के अधिकारी बैरंग वापस लौटे। हालांकि डीएम ने ग्राम प्रधान और सचिव के भ्रष्टाचार की जांच को लेकर बीएसए को नामित किया है। बीएसए के बजाय सोमवार दूसरे जांच अधिकारी के रूप में आकाश श्रीवास्तव गए थे। ग्राम प्रधान के नहीं होने से जांच नहीं हुई।

भारतीय किसान यूनियन के जिलाध्यक्ष हरीश सिंह चुन्नू व अजय मिश्र उर्फ बिलसन बाबा ने डीएम निशा अनंत और अमेठी बीडीओ बृजेश सिंह को दिए ज्ञापन में कहा है कि ग्राम प्रधान लोहरता की मनमानी और ब्लाॅक कर्मियों की मिलीभगत के कारण भ्रष्टाचार चरम पर है। गांवों में सफाईकर्मी काम नहीं कर रहे हैं। ऐसे में विद्यालयों में बने शौचालयों सहित कक्षाओं की दैनिक सफाई व गांव में बनी नालियों में जलभराव के कारण आम जनमानस व बच्चे गंभीर बीमारियों से ग्रसित हो रहे हैं। विकास योजनाओं के साथ मनरेगा आवास सहित अन्य में जमकर भ्रष्टाचार किया जा रहा है।

आरोप लगाया है कि ग्राम पंचायत लोहरता में ग्राम प्रधान व उनके ससुर भूमाफिया किस्म के सरकारी धन लूट गैंग के सक्रिय सदस्य है।ग्राम पंचायत लोहरता ब्लाक अमेठी के ग्राम प्रधान ने 2021 से 2025 तक में विकास कार्यों में मनमानी करते हुए सरकारी धन का दुरुपयोग किया है।ग्राम प्रधान ने प्राथमिक विद्यालय में दिव्यांग शौचालय के मद में सरकारी धन का दुरुपयोग किया है।

विद्यालय का दिव्यांग शौचालय का निर्माण आजतक अपूर्ण है। स्ट्रीट लाइट, नल मरम्मत एवं अन्य के नाम पर ग्राम पंचायत निधि के खाते से पैसा खारिज कर बंदर बांट की जा रही है। ग्राम प्रधान एवं सचिव की मिली भगत से ग्राम पंचायत के विकास कार्यों को ग्रहण लग गया है। ग्राम प्रधान सरकारी भूमि पर स्वयं भी कब्जा कर रहे हैं और चारागाह समेत अन्य सरकारी भूमि पर पैसा लेकर  कब्जा कराया जा रहा है और ग्राम पंचायत की सरकारी भूमि को बेचकर ग्राम प्रधान मालामाल हो रहा है। किसानों ने डीएम से भ्रष्टाचार में दोषी व्यक्ति और इसे छिपाने या सही जानकारी न देने वाले ब्लाॅक कर्मियों के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई की जाए। डीएम ने इसे गंभीरता से लेते हुए बीएसए को जांच कर रिपोर्ट तलब करने का निर्देश दिया है। डीएम के आदेश के बाद ग्राम पंचायत के साथ ही ब्लॉक में भी हड़कंप मचा हुआ है। सभी कागजों की हेरा फेरी में जुटे हैं, बंदर बांट किए धन को कैसे दिखाया जाए इस जुगत में लगे हैं। जांच अधिकारी नामित होने के बाद जांच में विलंब व मिली भगत के कारण ग्राम प्रधान अपूर्ण कार्यों को रातों दिन करवाने में जुटा है। मनरेगा के नाम पर ट्रैक्टर और जेसीबी से कार्य होता है कई बार ग्रामीणों में विवाद भी हुआ लेकिन ग्राम प्रधान की दबंगई और भ्रष्टाचार के चलते कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि जांच अधिकारी किसी के दबाव में जांच में हीला हवाली कर रहे हैं इसके कारण भ्रष्टाचारी ग्राम प्रधान अपनी कमियों को छुपा कर पाक साफ बनने की कोशिश कर रहा है। जबकि उनके पास पहले के वीडियो और फोटो हैं। सोमवार को अफसर की ओर से रूप आकाश श्रीवास्तव पहुंचे थे। वही ग्राम प्रधान सीमा शुक्ला के बजाय उनके प्रतिनिधि विजय शंकर शुक्ल मौजूद थे। ऐसे में जांच अधिकारी कई स्थानों पर गए, जहां ग्रामीणों ने बताया कि न तो नल मरम्मत हुई है और न ही स्ट्रीट लाइट लगी है। ग्राम प्रधान प्रतिनिधि कोई भी अभिलेख नहीं दिखा सके।विवाद की स्थिति होने पर जांच अधिकारी वापस लौट गए।

नहीं हुआ निर्माण, दी गई नोटिस

जिला समन्वयक निर्माण आकाश श्रीवास्तव ने बताया कि प्रथम दृष्टि में दिव्यांग प्रशाधन का निर्माण कार्य एक-दो दिन में कराया गया है जबकि पैसा पूर्व में निकाला गया बताया कि स्ट्रीट लाइट और नल मरम्मत के संबंध में कोई भी नहीं दिखाया गया। सचिव और प्रधान को नोटिस दी जा रही है।

करुणा शंकर वर्मा की रिपोर्ट 

Adv Vinod Kumar
Author: Adv Vinod Kumar

न्यूज 21 भारत

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