न्यूज 21भारत लखनऊ
डॉ पल्लवी पटेल समेत लगभग 200 कार्यकर्ताओं को पुलिस ने हिरासत में लिया।
अपना दल कमेरावादी ने दोषियों पर रासुका और हिंसक संगठन करणी सेना पर प्रतिबन्ध लगाने की मांग की।
विपक्ष के नेताओं के सुरक्षा का पुनरीक्षण कर उचित सुरक्षा व्यवस्था उपलब्ध कराने की भी मांग उठाई।
लखनऊ। पूर्व केंद्रीय मंत्री व दलित सांसद रामजी लाल सुमन के आगरा स्थित घर पर बुधवार को किए गए हमले, हिंसा व तोड़फोड़ के खिलाफ अपना दल कमेरावादी की शीर्ष नेता व विधायक डॉ पल्लवी पटेल गुरुवार को सड़क पर उतरी, अपने पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ परिवर्तन चौक स्थित डॉ अम्बेडकर प्रतिमा पर पहुंचकर विरोध प्रदर्शन करते हुए जुलूस निकालकर विधानसभा की ओर बढ़ी, मेट्रो स्टेशन के पास भारी संख्या में मौजूद पुलिस कर्मियों ने प्रदर्शनकारियों को रोक दिया, तीखी नोंक झोंक के बाद बलप्रयोग करते हुए डॉ पल्लवी पटेल समेत लगभग 200 कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया गया।
इस दौरान डॉ पल्लवी पटेल ने कहा कि किसी बयान का विरोध हिंसा या हमला कतई नहीं हो सकता है।
सहमति और असहमति के बीच एक दलित समुदाय के सांसद रामजी लाल सुमन के घर पर हमला, हिंसा और तोड़फोड़ लोकतंत्र को शर्मसार करता है। यह हमला कानून व्यवस्था के प्रश्न पर राज्य की विफलता का एक और प्रमाण है।
जनता के जायज सवालों से ध्यान भटकाने के लिए सरकार के इशारे पर इस तरह के हिंसा किये जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि दलित समुदाय के राज्यसभा सांसद रामजी लाल सुमन की अनुपस्थिति में आगरा स्थित उनके घर पर हमला, हिंसा और तोड़फोड़ की घटना गहरी साजिश है। यह हमला कानून व्यवस्था पर हमला है। हमला संविधान पर हमला है। साथ ही डॉ अंबेडकर के विचारधारा पर हमला है।
डॉ पल्लवी पटेल ने कहा कि इतिहासकारों ने एक ही विषय को अलग-अलग तरीके से लिखा है। परंतु संसद में दिए गए बयान के सहमति और असहमति के आधार पर दलित सांसद के घर पर हमला पूर्णतया गलत और घोर आपराधिक कृत्य है। अब मांग करते हैं कि हमले और हिंसा के दोषियों पर रासुका का लगाया जाए तथा हिंसक संगठन करणी सेना को प्रतिबंधित किया जाये।
अतुल वर्मा की रिपोर्ट

Author: Adv Vinod Kumar
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